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आरसीसी और पीसीसी कंक्रीट में अंतर! | Difference between RCC and PCC in Hindi

जानिये, प्लेन कंक्रीट और रेन्फोर्सड कंक्रीट में क्या अंतर होता है! PCC Vs RCC Concrete


सीमेंट औए इससे बना कंक्रीट, हमारे सभ्यता के अधिकांश आधारभूत संरचना और भौतिक विकास का आधार है। कंस्ट्रक्शन के लिए विभिन्न टाइप के कंक्रीट की जरुरत पड़ती है। जैसे- प्लेन कंक्रीट (PCC) और रेनफोर्सड कंक्रीट (RCC). 

यहाँ, PCC और RCC कंक्रीट के बारे में बताया गया है। ये शब्द अक्सर सिविल कंस्ट्रक्शन वर्क्स में उपयोग किए जाते हैं।

pcc aur rcc concrete me antar

RCC और PCC कंक्रीट में अंतर (Difference between PCC and RCC):

  1. RCC मतलब 'Reinforced Cement Concrete' होता है, जबकि PCC का मतलब 'Plain Cement Concrete' से है।
  2. PCC कंक्रीट में लोहे के सरिया का इस्तेमाल नहीं होता है, लेकिन RCC में सीमेंट, रेत, पत्थर और पानी के मिश्रण के साथ सरिया (TMT Steel) का इस्तेमाल किया जाता है।
  3. कंस्ट्रक्शन में सतह के ठोस और सपाट करने के लिए PCC की ही जरुरत होती है, जबकि RCC का उपयोग वैसे संरचना के निर्माण में किया जाता है जो तन्य शक्ति (Tensile strength) को सहन करते है।
  4. PCC का उपयोग मुख्य रूप से गली, फुटपाथ और इमारतों के नींव के निचे, फ्लोरिंग आदि के निर्माण में किया जाता है, जबकि RCC बिल्डिंग्स के छत, बीम, कॉलम और नींव तथा पुल या ब्रिज, रिटेनिंग वाल जैसे अधिक मजबूत स्ट्रक्चर में होता है।
  5. PCC में M15 और M10 ग्रेड यानि 1:2:4 या 1:3:6 मिश्रण का उपयोग किया जाता है, लेकिन RCC में न्यूनतम M20 ग्रेड यानि 1:1.5:3 या इससे उच्च grade के मिश्रण का उपयोग (IS 456 कोड के अनुसार) होता है। 
  6. प्लेन कंक्रीट में आमतौर पर आर्डिनरी पोर्टलैंड सीमेंट का उपयोग किया जाता है, जबकि रेन्फोर्सड कंक्रीट में 53 ग्रेड सीमेंट और दुसरे हाई ग्रेड सीमेंट का इस्तेमाल करना चाहिये।
  7. Plain Concrete पर अत्यधिक लोड होने पर क्षतिग्रस्त या ब्लास्ट हो सकता है, लेकिन RCC सभी प्रकार के लोड को सहन करने में सक्षम होता है।
  8. PCC कंक्रीट बनाने का खर्च कम होती है, लेकिन RCC कंक्रीट में ज्यादा खर्च आता है।


ये भी पढ़ें: RCC कंक्रीट की पुरी जानकारी!

RCC कंक्रीट का इस्तेमाल कहाँ होता है?

इसका इस्तेमाल, वैसे सभी स्ट्रक्चर जहाँ तनाव शक्ति (Tensile load) होता है, वहां होता है जैसे:

  • बिल्डिंग्स खासकर छत, बीम, कॉलम और नींव में.
  • पुल या ब्रिज में.
  • रिटेनिंग वाल में.
  • हाई ट्रैफिक रोड में.
  • चिमनी और टावर में.
  • वाटर टैंक, इत्यादि 


ये भी पढ़ें: PCC कंक्रीट की पुरी जानकारी!

PCC कंक्रीट का इस्तेमाल कहाँ होता है?

इसका इस्तेमाल, वैसे सभी निर्माण कार्य जहाँ ठोस सतह बनाने की आवश्यकता होती है, वहां होता है जैसे:

  • बिल्डिंग्स की नींव बनाने से पहले जमीन के ऊपर PCC की लेयर / कंक्रीट बेड बनाने में.
  • खिड़की के सिल लेवल पर बिछाने और DPC वर्क में.
  • गली, फुटपाथ और रोड में.
  • पारापेट और बाउंड्री वाल के ऊपर मुंडेर बनाने में.
  • बास्केट बॉल और टेनिस बॉल कोर्ट में कंक्रीट की सतह बनाने में.
  • पाइपलाइन के निचे, इत्यादि.


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