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टाइल्स लगाने में कितना पैसा खर्च लगेगा (Tiles Mistri rate)

टाइल्स लगवाने के बारे में पुरी जानकारी (Tiles fitting cost in Hindi)

पहले लोगों में संगमरमर (Marble) के प्रति काफी आकर्षण था, लेकिन आजकल इसके विकल्प के रूप में टाइलें पूरी तरह से प्रचलन में आ गईं है। अब बहुत प्रकार के, और डिजाइनर टाइलें आ रही हैं। फर्श में टाइल लगवाने के दौरान होने वाले खर्च की पुरी जानकारी यहाँ दी गई है।

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टाइल्स लगवाने में कितना पैसा खर्च लगेगा?

टाइल्स लगवाने का कितना पैसा लगेगा, ये निर्भर करता है घर का एरिया (क्षेत्रफल) और टाइल की किस्म पर। भारत में टाइल्स लगवाने की औसत खर्च Rs. 150 प्रति स्क्वायर फीट है - एक सामान्य प्रकार के टाइल के लिये। इसमें सभी तरह के खर्च जैसे- टाइल्स और कच्चे सामान (वाइट सीमेंट, रेत आदि), टाइल कांट्रेक्टर का रेट शामिल होता है।

टाइल लगवाने का खर्च (Tile fitting cost in 2021) :

Rs. 120 - 180 प्रति स्क्वायर फीट (टाइल की कीमत + मिस्त्री का रेट + अन्य खर्चें)

टाइल लगाने वाला मिस्त्री का रेट (Tiles mistri rate):

टाइल्स फिटिंग के लिए टाइल मिस्त्री का खर्च लगभग 30 से 40 रुपये प्रति वर्ग फीट के बीच होती है। इसमें साईट की साफ़-सफाई, टाइल चिपकाने और फर्श बनाने के दौरान उत्पन्न कचरे का उठाव शामिल होता है।

टाइल्स की कीमत (Tiles price list):

Rs. 55 - 95 प्रति स्क्वायर फीट

फिक्सिंग मटेरियल का खर्च (Adhesive or White cement, Sand etc):

Rs. 35 - 45 प्रति स्क्वायर फीट


एक रूम में टाइल लगवाने का खर्च:

उदाहरण के लिए, 10 x 12 फीट के एरिया का रूम लेते है जिसमें टाइल्स लगवाना है।

10 x 12 = 120 स्क्वायर फीट (क्षेत्रफल)

समान्य टाइल लगवाने की खर्च Rs. 150 प्रति स्क्वायर फीट है।

इसलिये, 120 x 150 = 18,000 (18 हजार)

आमतौर पर लगभग 18 हजार खर्च होंगे, 120 स्क्वा. फीट का एक रूम में टाइल लगवाने में।


1 रूम (120 स्क्वायर फीट) में टाइल लगाने में विभिन्न प्रकार के खर्च:

  • 2 फीट की टाइल्स लगाने पर टाइल की संख्या = 120/2x2 = 30 टाइल, कीमत 30x240 = 7200 रूपये
  • 1 फीट की टाइल्स लगाने पर टाइल की संख्या = 120/1x1 = 120 टाइल, कीमत 120x55 = 6600 रूपये
  • वाइट सीमेंट 1.66 kg प्रति स्क्वायर फीट = 120x1.66 = 199.2 = 200 kg, 200/50 = 4 बैग वाइट सीमेंट
  • वाइट सीमेंट का खर्च (600 रूपये प्रति बैग) 4x600 = 2400 रूपये
  • रेत 0.33 Cft प्रति स्क्वायर फीट = 120x0.33 = 39.6 = 40 Cft
  • रेत का खर्च (60 रूपये प्रति Cft) 40x60 = 2400 रूपये
  • टाइल मिस्त्री का खर्च (40 रूपये प्रति स्क्वायर फीट) 120x40 = 4800 रूपये
  • अन्य खर्च = 1200 रूपये

टोटल खर्च (7200+2400+2400+4800+1200) = 18 हजार

            

        पत्थर जैसे- ग्रेनाइट, मार्बल आदि का फिटिंग रेट, टाइल्स के फिटिंग रेट से अलग होता है। किचन के स्लैब या सीढ़ियों में, लगने वाले ग्रेनाइट को फीट करने के अलावे उसके किनारे को पॉलिश (Moulding) आदि की भी जरुरत होती है।

ग्रेनाइट लगवाने का खर्च (Granite  fitting cost ) :

ग्रेनाइट की कीमत - Rs. 90 - 180 प्रति स्क्वायर फीट

मिस्त्री का रेट - Rs. 40 - 60 प्रति स्क्वायर फीट

एक किनारे की पॉलिश (Single Moulding) - Rs. 40 - 50 प्रति रनिंग फीट

दोनों किनारे की पॉलिश (Double Moulding) - Rs. 80 - 100 प्रति रनिंग फीट

टोटल खर्च = Rs. 180 - 280 प्रति स्क्वायर फीट (ग्रेनाइट की कीमत + मिस्त्री का रेट + अन्य खर्चें)


टाइल्स कितने प्रकार के होते है?

मार्केट में विट्रीफाइड टाइलें, सिरेमिक टाइलें, चीनी मिट्टी के टाइलें, सीमेंट टाइलें, क्वार्ट्ज, पत्थर और यहां तक कि ग्लास टाइलें भी उपलब्ध हैं। लोकप्रिय टाइल ब्रांडों में 'सोमानी सेरामिक्स, कजरिया टाइलें, नित्को, जॉनसन टाइलें और एशियाई ग्रैनिटो' शामिल हैं। इनमें से प्रत्येक में दीवार और फर्श टाइल दोनों के लिए विभिन्न श्रेणियों में हजारों विकल्प हैं। 

घर में कौन सी टाइल लगवाना चाहिये?

फर्श की टाइलें मजबूत और टिकाऊ होनी चाहिए। घर के अलग अलग भाग, जैसे बाथरूम, बेडरूम और दीवार पे अलग प्रकार के टाइल लगा सकते है, जैसे- सिरेमिक और चीनी मिट्टी के टाइलें, विट्रीफाइड टाइल्स या प्राकृतिक पत्थर की टाइलें सबसे अच्छी तरह से सूट करती है।

टाइल मैट फ़िनिश और फिसलन वाला नहीं होनी चाहिए। ऐसे टाइल्स फर्श की सुंदरता के साथ सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

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बाजार में टाइलें कितने आकार में उपलब्ध हैं?

आमतौर पर टाइल्स निम्नलिखित आकार में बाजार में उपलब्ध होते हैं:

  • 6X6 इंच (150x150 MM)
  • 1X1 फीट (300x300 MM)
  • 2X2 फीट (600x600 MM)
  • 2X4 फीट (600x1200 MM)
  • 4X4 फीट (1200x1200 MM)

क्या पुराने टाइल वाले फर्श पर नई टाइलें लगाना चाहिए?

हां, एक पुरानी टाइल वाली फर्श के ऊपर नई टाइलें लगा सकते है, बशर्ते कि नीचे की कोई भी टाइल ढीली या ऊंचा-नीचा न हो। हालांकि इससे फर्श और छत के बीच की ऊंचाई 1 इंच कम हो जायेगी।

क्यों एक विट्रिफाइड (Vitrified) टाइल साधारण चीनी-मिट्टी (Ceremic) टाइल से बेहतर है?

विट्रीफाइड टाइल्स की निर्माण प्रक्रिया सिरेमिक टाइल्स से कहीं अधिक बेहतर है। विट्रीफाइड टाइल्स अधिक कठोर, मजबूत और होमोजेनेओउस होते हैं। सिरेमिक टाइलों के उपरी सतह पर केवल एक सजावटी कोट होता है और इसलिए ये अधिक मजबूत और होमोजेनेओउस नहीं होती है।

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क्या फर्श टाइल का उपयोग दीवार पर किया जा सकता है?

ऐसा करने की सलाह नहीं दी जाती है, क्योंकि दीवार की टाइल की तुलना में फर्श टाइल भारी होती है। इससे फर्श की टाइल आसानी से सतह से अलग हो जाएगी और क्रैकिंग भी होगी।

टाइल कितने समय तक ख़राब नहीं होता?

अधिकांश प्रकार के ग्लज़ेड सिरेमिक टाइल, पोर्सिलेन और टेराकोटा (विट्रीफाइड) फर्श की टाइलें 50 साल या उससे अधिक चल सकती हैं। हालाँकि ज्यादा इस्तेमाल होने पर 10 साल के बाद इनका चमक चला जाता है।


कृपया ध्यान दें:

  • टाइल्स लगाने की लागत अनुमानित है और विभिन्न क्षेत्रों के अनुसार बदलाव हो सकता है।
  • बड़े शहरों में टाइल्स लगाने का खर्च ज्यादा होता है जबकि छोटे शहरों और ग्रामीण एरिया में कम होता है।
  • ज्यादा मात्रा में टाइल्स लगवाने पर खर्च में कमी आती है।
  • टाइल्स और पत्थर जैसे- ग्रेनाइट, मार्बल आदि के लेबर रेट में अंतर होता है।
  • अगर ग्रेनाइट का किनारा चिकना/पॉलिश (Moulding) कराना हो तब उसका खर्च अलग से लगता है।


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