Waterproofing कैसे करे | मकान के छत, दीवाल से पानी रोकने के उपाय

 

वाटर-प्रूफिंग क्या और कैसे होता है? (Waterproofing for old roof, tank, basement leakage)

Water Proofing की जरुरत : जितना जरुरी घर को बनना है उतना ही जरुरी है घर की देख भल करना। हमारा घर हर रोज कभी तेज बारिश, तेज धुप, अत्यधिक नमी जैसे परिस्तिथियों से गुजरता है जिसके वजह से महीन दरारे बन जाती है। इसलिए दीवाल, बाथरूम, छत से पानी टपकने या रिसने लगता है।

Waterproofing kaise kare


वाटरप्रूफिंग क्या है : यह किसी सतह या संरचना को वाटर-रेसिस्टेंट (जलरोधी) बनाने की प्रक्रिया है, ताकि यह पानी से अप्रभावित रहे और सतह में पानी का प्रवेश ना होने दे। पानी जहाँ पर सीधा आता और जमा रहता है वहां छत, दीवारों पर या तो सीलन होने लगती है या पानी का रिसाव होना शुरू हो जाता है।

ऐसी जगहों पर हम वाटर-प्रूफिंग करवाते है। इससे पानी नहीं आता, छत्त, दीवारों दीवार मजबूत बनती है तथा नयी और सुन्दर लगती है। आजकल के आधुनिक वाटर प्रूफिंग के तरीकों से छत, दीवार को बिना नुकसान पहुंचाये जलरोधी बनाया जाता है।


वाटरप्रूफिंग दो प्रकार से की जाती है: 
  1. मकान बनाते समय कंक्रीट या प्लास्टर में वाटरप्रूफिंग केमिकल मिलाके 
  2. पुरानी छत, दीवाल आदि में वाटरप्रूफिंग लिक्विड से दरार भर कर

कंक्रीट बनाने के दौरान सीमेंट के साथ ऐडमिक्सचर (केमिकल) मिलाकर कंक्रीट को जलरोधी बनाया जाता है। बाजार में ऐसे कई उत्पाद मौजूद होते है जैसे- Dr.Fixit LW, Asian Paints, Nerolac Perma, Choksey, Durabuild इत्यादि, जिसका 200 ml एक बैग सीमेंट में मिलाकर कंक्रीट बनाया जाता है।


वाटरप्रूफिंग करने के तरीके :

  1. इंजेक्शन ग्राउटिंग (Injection Grouting) -  इसमें हाई प्रेशर में वाटर प्रूफिंग केमिकल को कंक्रीट के दरारें को भरा जाता है। पुरानी मकान के छत, दीवाल, बेसमेंट, बाथरूम, किचन आदि के लिए इसका उपयोग किया जाता है जो की बहुत कारगर होता है।
  2. सीमेंटेशन वाटर प्रूफिंग - ये वाटर प्रूफिंग सबसे सस्ता होता है और सबसे ज्यादा फ्लोरिंग के लिए उपयोग होता है।
  3. मेम्ब्रेन वाटर प्रूफिंग - इसे घर की छत, सुरंग, पुल, मेट्रो में ज्यादा इस्तेमाल होता है। इसकी सतह की मोटाई 2 से 3 mm की होती है। इसमें रब्बर का उपयोग किया जाता है जो बहुत ही लचीला होता है।
  4. लिक्विड वाटर प्रूफिंग - यह पेंट में मिलाकर सीलन रोकने के काम आता है। इस प्रक्रिया में हम लिक्विड फोम में रबर उपयोग करते है।
  5. बेंटोनाइट वाटर प्रूफिंग - इसे बाहरी दीवाल पर उपयोग करते है। ये एक तरह की क्ले होती है।
Pressure Waterproofing



घर की छत पर वाटर प्रूफिंग :-

सूरज की ज्यादा धुप छत पर डायरेक्ट पड़ने की वजह से U.V किरने क्रैक डाल देते है या सर्दियों में ज्यादा मॉइस्चर जम जाता है, तब वहां रिसाव शुरू हो जाता है और पपड़ी जम जाती है। जानिये कैसे करे घर की छत पर वाटर प्रूफिंग:
  • सबसे पहले घर की छत पर जमी जंग और काई को बहुत अच्छे से साफ़ कर धूल निकाल दे।
  • हैंड ग्राइंडर के उपयोग से सारी सतह को चिकनी बनाये और वाटर जेट से सतह साफ़ करे।
  • छत सूखने पर जितने भी क्रैक को भरें और छत को अच्छे से सुखाये।
  • उसके बाद URP और CEMENT को बराबर मात्रा में ले और घर की छत पर एंगलफिलेट बनाये और अच्छे से रूफ सेल बनाये।
  • घर की छत पर लगभग 2 स्क्वायर मीटर के बॉक्स बना ले, और सतह पर हल्का पानी का छिड़काव कर ले।
  • फिर रूफ सील की पहली परत लगाए और याद रखे 2 स्क्वायर मीटर में 1.5 लीटर घोल उपयोग करे. घोल को एक ही डायरेक्शन में लगाए।
  • उसके बाद 12 घंटे तक इसे सुखाये और इसके बाद इसी दिशा में दूसरा घोल लगाए और 48 घंटे इसे सूखने दे।
  • इसके 3 से 4 स्तर (Coat) लगाने की आवश्यकता होती है।

बेसमेंट में पानी रोकने के लिए:-

बेसमेंट में भी पानी को रोकने के लिए भी हम वाटर प्रूफिंग करते है. इंजेक्शन ग्राउटिंग द्वारा हाई प्रेशर में वाटर प्रूफिंग केमिकल को कंक्रीट के दरारें में भरा जाता है, जो की पेशेवर के द्वारा ही किया जाना चाहिए।

Basement waterproofing in hindi



दीवार पर सीलन के लिए प्रूफिंग :-

दीवार पर सीलन के लिए भी हम बहुत से तरीके अपनाते है, जैसे वाटरप्रूफ पेंट, PP शीट का उपयोग आदि।
  • सबसे पहले दीवार को स्टील ब्रश से अच्छे से साफ़ करे.
  • पानी से सफाई करके अच्छे से सूखा दे.
  • फिर 1.5 kg सीमेंट में लेटेक्स केमिकल अच्छे से मिला दे.
  • पूरी दीवार पर उसे हॉरिजोंटल डायरेक्शन में लगाए. उसे अच्छे से सूखा लार फिर वर्टीकल डायरेक्शन में लगाए.
  • फिर प्लास्टर में केमिकल मिलाकर डबल कोट लगाए.
  • सबसे आखिरी में हम वाटर प्रूफिंग पेंट में पुट्ठी मिक्स करके लगा सकते है.
  • Bathroom waterproofing in hindi



पानी की टंकी के लिए:-

  • अच्छी तरह से पानी की टंकी को साफ़ करे.
  • इसके बाद सीधा वाटरसील सिलिकॉन की कोटिंग लगाए.
  • सभी जोड़ो की अच्छे से भरें और सिलिकॉन फाइबर गिलास मैट लगाए.
  • दूसरी कोटिंग में एक पार्ट सिलिकॉन और दूसरा पार्ट वाइट सीमेंट का लगाए, फिर इससे सूखने के बाद तीसरी और चौथी कोटिंग भी लगाइये.

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प्रश्न : वाटर-प्रूफिंग करवाने में कितना पैसा खर्च होगा?

ये वाटर प्रूफिंग करवाने वाले एरिया और इसके प्रकार पर निर्भर करेगा। लगभग 30 से 100 रपये प्रति स्क्वायर फीट इसका खर्च हो सकता है।

उदाहरण के लिए अगर आपको एक बाथरूम या छोटे रूम का वाटर प्रूफिंग करवाना है तो कुल एरिया करीब 6x7x6 = 252 स्क्वायर फीट होगा जिसके लिए आपको 252x40 = 10,080 रूपये लागत आयेगी।

प्रश्न : वाटर प्रूफिंग केमिकल बनाने का क्या तरीका है?

उत्तर : ये वाटर प्रूफिंग के प्रकार पर निर्भर करता है. अगर आपको पुराने मकान के छत आदि में वाटर प्रूफिंग करना हो तो 5 kg वाइट या नार्मल सीमेटं मे, 200 ml केमिकल मिलाकर, पेस्ट बनाके 2–3 लेयर में कोटिंग करनी होती है जैसे की यहाँ पहले बताया जा चूका है.

अगर मकान बनाने के समय वाटर प्रूफिंग करनी हो तो कंक्रीट बनाने के दौरान सीमेंट के साथ केमिकल मिलाकर छत को वाटर प्रूफ किया जाता है। इसमें 200 ml केमिकल को एक बैग सीमेंट में मिलाकर कंक्रीट बनाया जाता है।

प्रश्न : घर की दीवार में आई दरार को कैसे ठीक करें?

उत्तर : अगर दीवार के प्लास्टर में दरार आई है तो इसे हम पुट्टी करके भर सकते हैं। लेकिन अगर यह दरार दीवार में अंदर तक है, तो इसे भरने के लिए हमें सीमेंट और बालू का इस्तेमाल करना जरूरी है।


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