जानिये, कम खर्च मे घर या मकान कैसे बनाया जा सकता है? (Low cost house construction)


आजकल बिल्डिंग मैटेरियल्स (सीमेंट, रेत, सरिया आदि) और अन्य चीजों के बढ़ते दामों के कारण घर बनाना महंगा हो गया हैं। जमीन होने के बावजूद भी उसपे निर्माण के लिए पैसे जोड़ने पड़ते है और कई बार बजट कम पड़ जाता है और ज्यादे पैसे खर्च करने पड़ते है। यहाँ हम इसी के बारे में विस्तार से जानेंगे की कैसे 'योजनाबद्ध और अन्य तरीके से घर का निर्माण किया जाये ताकि कम खर्च में भी घर बनाया जा सके'

सस्ता घर कैसे बनायें ?

कम लागत वाली बिल्डिंग मैटेरियल्स और सही प्लानिंग के साथ कम खर्च में घर बनाना संभव है। अगर आपको 1 मंजिल का ही घर बनवाना है तो 'लोड-बेअरिंग स्ट्रक्चर' बनवाये, 'फ्रेम स्ट्रक्चर' नहीं। लोड बेअरिंग स्ट्रक्चर में लोहा (सरिया) कम लगता है।

अपने घर का एस्टीमेट किसी इंजिनियर से बनवाये या राजमिस्त्री से लगने वाले सामान की मात्रा पता कर लें। इससे आपको पता चलेगा की सीमेंट, रेत, सरिया आदि कितना लगेगा और फिर आप थोक भाव में कम दाम में इसे खरीद सकते है।

सस्ता बिल्डिंग मैटेरियल्स जैसे- फ्लाई-ऐश ईंट, कंक्रीट चौखट आदि का उपयोग कर सकतें है। महँगी लकड़ी की जगह बबूल की लकड़ी का उपयोग करें जो की सस्ती होने के साथ मजबूत भी होती है।

ये भी पढ़ें: घर बनाने का कांट्रेक्टर कितना पैसा लेता है?

sasta ghar kaise banaye


उदाहरण के लिए, 20 x 25 फीट के एरिया का प्लाट लेते है जिसपे घर बनाना है।

20 x 25 = 500 स्क्वायर फीट (क्षेत्रफल)

घर बनाने की औसत खर्च Rs. 1200 प्रति स्क्वायर फीट है।

इसलिये, 500 x 1200 = 600,000 (6 लाख)

आमतौर पर लगभग 6 लाख खर्च होंगे 500 स्क्वा. फीट का एक तल्ले का घर बनाने में। अगर आप यहाँ बताये गए तरीके से घर बनवाते है तो 15 से 20 प्रतिशत कम खर्च होंगे, जैसा की निचे बताया गया है-


कम पैसे मे अच्छा घर बनाने के तरीके :

  1. लोड बेअरिंग स्ट्रक्चर बनवाये जिसमे लोहा अपेक्षाकृत कम लगेगा।
  2. फ्लाई-ऐश ईंट का उपयोग करें, जो की मिट्टी की ईंट से 4-5 रुपये सस्ती मिलेगी।
  3. कंक्रीट (RCC) चौखट का उपयोग करें।
  4. शीशम या सागवान की लकड़ी की जगह बबूल की लकड़ी का उपयोग करें।
  5. फर्श में मार्बल के जगह सिरेमिक टाइल्स का उपयोग करें।
  6. टॉयलेट और बाथरूम साथ में बनवाएं।
  7. अधिक गहरी नींव नहीं खोद्वाएं।
  8. अनुभवी कांट्रेक्टर से कार्य करवाये।


लोड बेअरिंग स्ट्रक्चर में खर्च कम

इस प्रकार के मकान में RCC स्तंभ (Column) और बीम नहीं होते, इसमें सारा लोड दीवारों पे पड़ता है। चुकी इसमें कंक्रीट स्तंभ नहीं होते है इसलिए सरिया की जरूत सिर्फ छत और छज्जा में पड़ती है। जबकि कंक्रीट स्तंभ और बीम वाले स्ट्रक्चर (फ्रेम स्ट्रक्चर) में सरिया अधिक लगता है।

फ्लाई-ऐश ईंट या AAC ब्लाक का उपयोग

फ्लाई-ऐश ईंट मार्किट में 5-6 रुपये में उपलब्ध है जबकि परंपरागत ईंट के लिए 9-10 रुपये प्रति ईंट खर्च करने पड़ते है। आधुनिक निर्माण में AAC ब्लाक का उपयोग हो रहा है जिसके अपने फायदे होते है। इन ईंटो या ब्लाक से बनी दीवार पे प्लास्टर करने की भी आवश्यकता नहीं होती है आप डायरेक्ट पुट्टी लगवाकर पेंट करवा सकते हैं। इससे प्लास्टर और लेबर दोनों का खर्च बचता है।

ये भी पढ़ें: सीमेंट/फ्लाई ऐश ईंट के फायदे और खासियत!

वर्गाकार घर में खर्च कम

वर्गाकार (स्क्वायर) आकार वाले घर के निर्माण में खर्च कुछ कम होता है। आर्किटेक्ट दीपांशु राजपूत कहते है 'वर्गाकार आकार में घर का निर्माण कराने से उसकी लागत में कमी आती है और बजट के अंदर ही घर का निर्माण कार्य पूरा किया जा सकता है'।


500 स्क्वायर फीट घर बनाने में विभिन्न प्रकार के खर्च :

  1. सीमेंट (Cement) 250 बैग = 250 x 340 = 85 हजार, थोक में खरीदने पर 5% की छुट, मतलब 80 हज़ार 
  2. रेत (Sand) 12.5 % कुल लागत का = 75 हजार, थोक में खरीदने पर 5-10% की छुट, मतलब 68 हज़ार
  3. पत्थर (Aggregate) 7.5 % कुल लागत का = 45 हजार, थोक में खरीदने पर 5-10% की छुट, मतलब 40 हज़ार
  4. लोहा (Steel) 1800 कि.ग्रा या 18% कुल लागत का = 1 लाख 10 हजार, थोक में खरीदने पर 5% की छुट, मतलब 1 लाख 05 हजार
  5. फ्लाई ऐश ईंट (Brick) 4000 ईंट = 28 हजार
  6. टाइल्स (Tiles) 8 % कुल लागत का = 45 हजार
  7. रंग+पुट्टी 4 % कुल लागत का = 24 हजार
  8. फिटिंग्स (Window, Doors, Electrical & Plumbing) 18 % कुल लागत का = 1 लाख 10 हजार


टोटल खर्च (.80+.68+.40+1.05+.28+.45+.24+1.10) = 5 लाख

इस तरह आप 6 लाख का घर 5 लाख में ही बनवा सकतें है।


नोट:

1. बड़े शहरों में खर्च अधिकतम होता है जबकि छोटे शहरों और ग्रामीण एरिया में कम होता है।

2. घर का नक्शा नगर निगम से पास करवाने का अतिरिक्त खर्च लगता है।


संबंधित जानकारियाँ-

Waterproofing कैसे करे | मकान के छत, दीवाल से पानी रोकने के उपाय

सुपर बिल्ट-अप और कारपेट एरिया क्या है?


अगर आपके पास कोई प्रश्न है, तो निचे Comment करें। यदि आप इस जानकारी को उपयोगी पाते हैं, तो इसे अपने दोस्तों के साथ Share करें।