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कंस्ट्रक्शन कंपनी कैसे बनाये और ठेकेदार/बिल्डर कैसे बने | Construction business knowledge

कंस्ट्रक्शन बिजनेस की जानकारी | सिविल कांट्रेक्टर या बिल्डर | ठेकेदारी करने के तरीके


भारत की लगभग 16% जनसंख्या अपनी आजीविका के लिए कंस्ट्रक्शन कार्यों पर निर्भर करती है। चूकी भारत अभी विकासशील देश है इसीलिए कंस्ट्रक्शन बिजनेस की और मांग होगी। ऐसे में कंस्ट्रक्शन का काम करने के लिये ठेकेदार (Contractor) या बिल्डर (Builder) बनके एक नई ऊंचाई तक पहुंचा जा सकता है।

क्या है कंस्ट्रक्शन बिजनेस (Construction business):

एक प्रकार का व्यवसाय, कंपनी या संगठन जिसमें विभिन्न प्रकार के भवन (कमर्शियल और रेजिडेंशियल), सड़क, फुटपाथ, नाली, गली और अन्य प्रकार के संरचना का निर्माण किया जाता है।

काम के प्रकृति के आधार पर निर्माण व्यवसाय कई प्रकार के होते है जैसे - छोटे ठेकेदार जिन्हें 'पेटी-कांट्रेक्टर' कहा जाता है छोटी मात्रा में पूंजी की आवश्यकता वाले कार्यों पर काम करते है जिसमें बड़े संगठन की आवश्यकता नहीं होती है।

बड़े ठेकेदार जिनके पास बड़ी कंपनी होती है और सभी कंस्ट्रक्शन मशीन आदि संसाधन उपलब्ध होते है।

construction company kaise banaye

किसी भी काम को शुरू करने से पहले उस काम में लगन और मेहनत की आवश्यकता होती है। देश में बढ़ती हुई आबादी को देखते हुए लोगों को खुद के आवास की व्यवस्था करने की आवश्यकता होती है। सड़क, नाली, गली आदि बनती रहती है। ये सब कंस्ट्रक्शन बिजनेस के माध्यम से ही पूर्ण होता है।

कंस्ट्रक्शन का काम कैसे शुरू करे :

  1. कंस्ट्रक्शन की सही जानकारी
  2. अपने लिये काम खोजें
  3. कंस्ट्रक्शन कंपनी का रजिस्ट्रेशन
  4. उपयुक्त कर्मचारियों की भर्ती
  5. जरूरी उपकरण खरीदे या भाड़े पर लें

आज के दौर में ज्यादातर युवा वर्ग खुद की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी खोलना चाहते हैं और उस क्षेत्र में ही आगे बढ़ना चाहते हैं। किसी भी कंस्ट्रक्शन कंपनी को चलाने के लिए अनुभव और जरूरी नियमों को जानना भी आवश्यक होगा। अगर आप खुद की कंस्ट्रक्शन कंपनी स्टार्ट करना चाहते हैं, तो हम आपके साथ कुछ महत्वपूर्ण जानकारी साझा करना चाहेंगे जिसके माध्यम से आप सफल उद्यमी बन सकते हैं।

1) बिजनेस की सही जानकारी : 

किसी भी काम को शुरू करने से पहले सही जानकारी का होना आवश्यक होता है। कंस्ट्रक्शन कार्य का भी सही जानकारी होना जरूरी है। इसके लिये शुरू में कुछ सालों का अनुभव हासिल करें किसी दुसरे ठेकेदार के यहाँ काम करके। 

कंस्ट्रक्शन का काम करते समय कितने लोग और कौन से टूल की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है इसके बारे में भी गहन विचार कर उस कार्य में कितना खर्च होगा इसका आकलन करें।

2) अपने लिये काम खोजें : 

आप शुरू में छोटे कार्य करें पेटी-कांट्रेक्टर के तौर पे। प्राइवेट और सरकारी प्रोजेक्ट दोनों में ऐसा काम आसानी से मिल जाता है। इसके बाद आप टेंडर प्रक्रिया में भाग लेके भी काम ले सकते है।

सोशल मीडिया के युग में आपको अपने बिजनेस को मार्केटिंग करना भी जरूरी होता है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से आसानी से किया जा सकता है। अपने ग्राहकों तक पहुंचने के लिए बिजनेस के इन आईडिया को सीखना होगा ताकि आपका क्लाइंट भी खुश रह सके।

3) कंस्ट्रक्शन कंपनी का रजिस्ट्रेशन : 

इसके लिए आप छोटी कंपनी (Proprietorship) या Pvt. Ltd. बना सकते है जिससे आप सरकारी टेंडर प्रक्रिया में भाग ले पाएंगे। इसके लिए सम्बंधित विभाग जिसका आप काम करना चाहते है वहां 'ठेकेदारी लाइसेंस' के लिए आवेदन करें।


4) उपयुक्त कर्मचारियों की भर्ती : 

कंस्ट्रक्शन कंपनी चलाना मतलब ऐसा बिजनेस चलाना जिस पर आप अकेले काम नहीं कर सकते हैं। इस बिजनेस के लिए आपको सहयोग की जरूरत होगी। इसके लिए आप मिस्त्री, कारीगर आदि को वेतन पर रख सकते हैं। साथ ही साथ कुछ इंजीनियर/सुपरवाइज़र से भी काम लेना अच्छा विकल्प हो सकता है।


Construction business

5) कंस्ट्रक्शन कंपनी के लिए जरूरी उपकरण खरीदे : 

जब भी आप कंस्ट्रक्शन कंपनी स्टार्ट करें तो जरूरी उपकरण खरीदे या भाड़े पे लें। इस बिजनेस के दौरान डैमेज उपकरण का इस्तेमाल करने से बचें। इस बिजनेस के लिए आपको ट्रेक्टर, मिक्सचर मशीन, ड्रिल जैसे अनिवार्य उपकरण आवश्यक होते हैं।

कंस्ट्रक्शन मशीन

कंस्ट्रक्शन बिजनेस के अंतर्गत रोड, बिल्डिंग आदि बनाने के अलावे आप ये भी कर सकते है जैसे- सीमेंट ब्लाक मेनुफेक्चरिंग, सिरेमिक टाइल इनस्टालेशन, ब्लॉक और ईंट निर्माण, कंस्ट्रक्शन सामानों की बिक्री, इलेक्ट्रिक और लाइट फिटिंग।

कंस्ट्रक्शन कंपनी कैसे बनाये :

अपनी कंस्ट्रक्शन कंपनी खोलने के लिए कुछ आवश्यक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है -
  1. अपनी कंस्ट्रक्शन कंपनी का रजिस्ट्रेशन करने के लिए आपको आवश्यक फॉर्म आई.एम.सी - 29 भरना होगा।
  2. उस फॉर्म के साथ आवश्यक दस्तावेज अटैच करके रजिस्टर ऑफ कंपनी के ऑफिस में जमा करना होगा।
  3. आपके द्वारा दिया गया कंपनी का नाम एमसीए द्वारा स्वीकार किए जाने पर आगे इन कॉरपोरेशन जारी होता है।
  4. यदि एमसीए नाम को स्वीकार नहीं करता तो पूर्ण रूप से नाम को परिवर्तन करना होता है।
  5. रजिस्ट्रेशन के कुछ दिनों बाद ही आप अपनी कंस्ट्रक्शन कंपनी खोल सकते हैं और अपना काम आगे बढ़ा सकते हैं।
  6. कंपनी के रजिस्ट्रेशन करवाते समय पहचान पत्र, पैन कार्ड, एड्रेस प्रूफ, आईडी वोटर आईडी कार्ड होना अनिवार्य है।


कंस्ट्रक्शन बिजनेस दो प्रकार के होते हैं | ठेकेदारी करने के तरीके :

  1. प्राइवेट कंस्ट्रक्शन व्यवसाय
  2. गवर्नमेंट कंस्ट्रक्शन व्यवसाय


1) प्राइवेट कंस्ट्रक्शन बिजनेस :

जब कोई भी कंस्ट्रक्शन का काम निजी रूप से हो या स्वयं के हित में हो, तो वह प्राइवेट कंस्ट्रक्शन वर्क के अंतर्गत आता है। इसके अंतर्गत मकान, दुकान, गार्डन, चाहरदीवारी आदि का निर्माण किया जा सकता है। इस कार्य में ठेकेदार और इंजीनियर भी निजी रूप से अपने फायदे के लिए कार्य करते हैं।

2) गवर्नमेंट कंस्ट्रक्शन बिजनेस :

गवर्नमेंट अपने स्तर पर कंस्ट्रक्शन का काम करवाती है जिसमें सड़कों का निर्माण, पुल का निर्माण, बांध का निर्माण, अस्पताल व स्कूलों का निर्माण होता है जो गवर्नमेंट कंस्ट्रक्शन के अंतर्गत होता है।

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            इस कार्य के लिए रजिस्टर्ड ठेकेदार और इंजीनियरों को आवेदन करना होता है। गवर्नमेंट कंस्ट्रक्शन वर्क में सरकार की पूंजी लगती है, जो जनता के हित में कार्य करती है। इस कार्य के लिए सारा दारोमदार इंजीनियर और ठेकेदारों पर होता है कि वह सही दिशा में जा कर कार्य को पूर्ण कर सकें।

कांट्रेक्टर को किस तरह का इन्शुरन्स लेना चाहिए :

कंस्ट्रक्शन बिजनेस में कांट्रेक्टर के कंपनी का इंश्योरेंस आवश्यक होता है जिसमें किसी भी प्रकार की क्षति जैसे आगजनी, सामानों की क्षति, सामानों का टूटना कार्यस्थल में किसी भी क्षति से बचाता है। ऐसे में इंश्योरेंस करना फायदेमंद है जिससे अपने व्यवसाय में किसी भी क्षति को आसानी से उबरा जा सके।

1) General liability insurance - यह इंश्योरेंस किसी भी क्षति होने पर कारगर है। यह इंश्योरेंस तब लागू होता है जब किसी भी प्रकार की क्षति का अंदेशा होता है। ऐसे में अपने बिजनेस को सुरक्षित किया जा सकता है। यह सबसे उपयोगी इंश्योरेंस है जिससे पूरे नुकसान की भरपाई हो जाती है।

2) Commercial property insurance - यह इंश्योरेंस बिजनेस में उपयोग किए गए सामानों को सुरक्षित रखता है। अगर वह सामान किराए पर भी लिए गए हो, तब भी इंश्योरेंस होने वाले सामानों की क्षति से बचाता है। साथ ही साथ नुकसान की भरपाई भी करता  है।

3) Business income insurance - यह इंश्योरेंस तब लागू होता है, जब बिजनेस सही से नहीं चल पाता और आपको लगातार नुकसान होता रहता है। इसके अलावा बिजनेस में उपयोग किए गए सभी सामानों पर भी इंश्योरेंस किया जाता है।

इस प्रकार से हम देखते हैं कि कंस्ट्रक्शन बिजनेस आज के दौर में बहुत ही फायदेमंद बिजनेस हो सकता है, जो भविष्य में भी हमें नुकसान नहीं होने देगा। अगर आप सावधानीपूर्वक कंस्ट्रक्शन बिजनेस करते हैं, तो हमें इसमें और भी फायदे होते हैं।


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8 टिप्पणियाँ

  1. उत्तर
    1. business/tender ke liye ek person ko rakhe, kaam milne pe experienced engineer/superviser aur mistri rakh sakte hai.

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  2. अगर हम कोई कंस्ट्रक्शन कंपनी खोलते हैं तो क्या हम उसमें इंटरप्राइजेज लिख सकते हैं

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  3. Hm kaese contrection company start kr skte h esme koi rejistresion karana pdta h

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  4. Resistation ka kitna kharach lg sakta hai agar ... Hmm industrial area company ke kaam karni hai unki mantanens ki General Suppliers ka to kya karna padega .. Annu Construction & General Suppliers .. Sir maine B.tech kiya hai civil se or mere pass 3 saal ki experience bhi hai .. hmm kya karna chahiye

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  5. हमें कंट्रक्शन कंपनी
    है तो हमें लायसेंस बनवाना है
    हमें जानकारी चाहिए सरजी 🙏

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